सामग्री का सावधानीपूर्ण चयन: उत्पादन पर केंद्रित, इस्पात का सख्ती से चयन, सरल संरचना, परिपक्व प्रौद्योगिकी और लंबी सेवा जीवन।
संरचनात्मक स्थिरता: टॉवर के स्तंभों को एकल ट्यूब, चार कोनों या त्रिकोणीय आकृति में व्यवस्थित किया जाता है, जिससे इस्पात की बचत होती है, कम क्षेत्रफल घेरता है और भूमि संसाधनों की बचत होती है।
उचित डिज़ाइन: टॉवर का वजन हल्का होता है, परिवहन और स्थापना आसान होती है, निर्माण अवधि छोटी होती है, और टॉवर का आकार वायु भार वक्र के अनुसार बदलता है, जिसमें चिकनी डिज़ाइन रेखाएँ होती हैं।





























